Mar25
9:10 AM

MOU Between Tata Steel & RVSCET

MOU Between Tata Steel & RVSCET

पिछले 25 मार्च 2019 को आर0 वी0 एस0 काॅलेज आॅफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलाॅजी जमशेदपुर एवं टाटा स्टील लि0 के बीच एम0 ओ0 यू0 (मेमोरेण्डम आॅफ अंडरस्टैडींग) हुआ। टाटा स्टील स्टील निर्माण के क्षेत्र की बड़ी कम्पनी है। यह टाटा ग्रुप आॅफ इंन्डस्ट्रीज की एक इकाई है। जबकि आर0 वी0 एस0 काॅलेज आॅफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलाॅजी जमशेदपुर झारखण्ड प्रदेश का एक बड़ा प्राईवेट इंजीनियरिंग काॅलेज है। राष्ट्रीय स्तर की मानक संस्था ।ैैव्ब्भ्।ड के द्वारा आर0 वी0 एस0 काॅलेज आॅफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलाॅजी जमशेदपुर को बिहार एवं झारखण्ड का सबसे अच्छा प्राईवेट  इंजीनियरिंग काॅलेज घोषित किया गया है। यहाँ यह बताना समीचीन होगा कि विगत कई वर्षों से इस काॅलेज का प्लेसमेंट रिकाॅड बेहतरीन राह है। अगर इस साल का ही उदाहरण ले तो, अबतक अंतिम वर्ष के 171 छात्र-छात्राओं का विभिन्न कम्पनियों में चयन हो चुका है। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कम्पनियों यहाँ प्लेसमेंट के लिए यहाँ आती हैं। ज्।ज्। ैज्म्म्सए ।नजवउवजपअम ।गसमे सजकण्ए ज्ब्ैए ॅप्च्त्व्ए छंजीबवतचए ब्ैड ज्मबीदवसवहपमेए ज्मुवितबम ैवसनजपवदे च्अजण् स्जकण्ए ।ससपमक ब्वदेजतनबजपवदए डंलनतइींदर डमजंसे स्जकण् आदि जैसी कम्पनियाँ इस साल आ चुकी है। श्रंउदं ।नजवए ज्मबी डंीपदकतंए छवअबव टपेजंेए ज्ञंलवेमतंए फनंसपजल ।नेजतपं ब्मदजतंस ।ेपं च्अजण्स्जकण् जैसी प्रसिद्ध कम्पनियाँ आनेवाली है। काॅलेज का ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेंट विभाग तवनदक जीम ब्सवबा यहाँ के छात्र-छात्राओं के प्लेसमेंट के लिए प्रयासरत है। यहाँ यह भी बताना आवश्यक है कि छात्र-छात्रओं के प्लेसमेंट के सुदृढ़ आधार के लिए अध्ययन-अध्यापन के फनंसपजल च्मतवितउंदबम का सदैव घ्यान रखा जाता है हर विभाग में कार्यतर शिक्षक-एवं शिक्षर्कŸा कर्मचारी गण गुणवŸाा पूर्ण अध्ययन-अध्यापन में लगे रहते हैं। 

इस एम0 ओ0 यू0 (मेमोरेण्डम आॅफ अंडरस्टैडींग) के तहत तय हुआ है कि आर0 वी0 एस0 काॅलेज आॅफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलाॅजी जमशेदपुर एवं टाटा स्टील समान रूप से हितकारी क्षेत्रों में एक दूसरे को प्रोमोट करेगा।

1. छात्र-छात्राओं का कौशल विकास-टाटा स्टील एवं इससे जुड़े इसकी सहयोगी इकाईयों के द्वारा छात्र-छात्राओं की तकनीकी साक्षरता एवं कौशल विकास में सहयोग किया जाएगा। साॅफ्ट स्कील एवं ई-मोडयूल्स के जरिए उनका पर्सनालिटी डेवेलपमेंट पर काम किया जाएगा। ई-लरनिंग क्यूरीकुलम की डिजाइनींग इलेक्ट्रीकल, मेकेनिकल एवं मेटलर्जिकल छात्र-छात्राओं को ध्यान में रखकर सम्बन्धित विषय के विशेषज्ञों यथा   ैछज्प् के विशेषज्ञ ;ैडम्ेद्ध के द्वारा किया गया है। 

2. थ्ंबनसजल एवं ैडम्े द्वरा सहयोग - कम्पनी टाटा स्टील के ैडम्े के साथ छात्रा-छात्राओं को पदजमतंबजपवद का अवसर प्रदान कराया जाएगा जिससे  उनमें रोजगार क्षमता ;मउचसवलंइपसपजलद्ध  बढ़ेगी एवं आजके औद्योगिक संस्कृति से उनका पररिचय होगा। 

3. नियूक्ति में सपोर्टः अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं को रोजगार दिलाने में सहयोग दिया जाएगा। काॅलेज स्वतः श्रम्ज् परीक्षा के लिए पैनल में सम्मलित हो जाएगा। यह परीक्षा इंजीनियरिंग एवं डिप्लोमा के छात्र-छात्राओं के लिए अनुबन्ध ;ब्वदजतंबजद्ध अवधि मे उपलब्ध रहेगा। इस साल भी श्रम्ज् परीक्षा में आर0 वी0 एस0 काॅलेज आॅफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलाॅजी के तीन छात्रों का चयन हुआ है। ये छात्र हैः तीन प्रतिभागियों स्मृति कुमारी (इलेक्ट्रनिक्स एण्ड कम्मयूनिकेशन इंजीनियरिंग) प्रतिक चावढ़ा एवं नीरभ सुदेव (मैकेनिकल इंजीनियरिंग)। इन तीनों मे से दो चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति टाटा स्टील के कलिंगानगर युनीट हुई है, जबकि एक का जमशेदपुर में हुई है

4. इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास में कंसलटेंसी सपोर्टः विभन्न प्रयोगशालाओं के उन्नयन एवं उसके विकास में कंसलटेसी सपोर्ट उपलब्ध कराया जाएगा ताकि संस्थान की सभी प्रयोगशालाएँ औद्योगिक मापदंडो पर स्वीकार्य हो। 

5. रिक्रुटमेंट एवं फैकल्टी ट्रेनिंगः सम्बन्धित विषय के विशेषज्ञों द्वारा काॅलेज के शिक्षकों को उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप ट्रेनिंग दी जाएगी। टाटा स्टील विभिन्न विभागों में उपयुक्त शिक्षको की नियुक्ति में सहयोग करेगा। 

6. प्दकनेजतपंस ज्तंपदपदह - च्संदज टपेपजरू टाटा स्टील अपनी ओर से उद्योगोन्मुखी ;प्दकनेजतपंस व्तपमदजमकद्ध  ट्रेनिंग काॅलेज के विभिन्न विषयों के छात्र-छत्राओं को देगी। इस टेªनिंग मे कम्पनी के विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ ट्रेनिंग देंगें। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के आखरी दिन इस ट्रनिंग में सम्मलित छात्र-छात्राओं को पलान्ट दौरा कराया जाएगा। 

7. ब्वदेनसजंदबल व िक्मअमसवचपदह  ब्मदजतम व िम्गबमससमदबम रू उद्योग एवं अकादमी के बीच की खाई को भरने के लिए टाटा स्टील इस काॅलेज को ब्मदजतम व िम्गबमससमदबम के रूप में विकसित करने में सहयोग करेगा। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में जिसमें कम्पनी को महारत हासिल है का उपयोग करेंगे। इससे इन्डस्ट्री में क्या-क्या वास्तविक समस्याँए आती है का ज्ञान छात्र समझ सकेंगे जिससे आगे चलकर उनका फायदा होगा।